कौन आया, किसने क्या सिला, किसको कितना: टेलरिंग टीम चलाना
रोल के हिसाब से स्टाफ लॉगिन, लोकेशन के साथ हाज़िरी, छुट्टी की मंज़ूरी और पे-स्लिप — मास्टर और टेलर का हिसाब मालिक के दिमाग से निकालकर ऐप में।
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छोटा जवाब
हर मास्टर और टेलर को अपना लॉगिन दें, ऐसे रोल के साथ जो उन्हें बस उतना दिखाए जितना ज़रूरी है — उनका काम, आपके दाम नहीं। वो दुकान से अपनी लोकेशन के साथ चेक-इन करें, फ़ोन से छुट्टी माँगें, और उसी रिकॉर्ड से पे-स्लिप पाएँ। किसने क्या किया, यह याद रखने वाला अकेला मालिक नहीं रहता।
टीम में अफ़रा-तफ़री।
कौन आया, कौन छुट्टी पर है, किसने कौन सा पीस सिला — सब मालिक के दिमाग में। पगार वाला दिन बहस का दिन होता है, और नए मास्टर को दुकान का तरीका सीखने में हफ्तों लगते हैं।
टीम और HR, सब अंदर ही
- रोल के हिसाब से स्टाफ लॉगिन
- रोल और परमिशन
- लोकेशन के साथ हाज़िरी चेक-इन
- छुट्टी की रिक्वेस्ट और मंज़ूरी
- महीने से, कपड़े से, या दोनों से पगार
- पे-स्लिप और स्टाफ की फोटो
टेलर को अपना लॉगिन क्यों दें?
जब ऑर्डर सिर्फ मालिक देख सकता है, तो हर सवाल मालिक के पास आता है। हर मास्टर को लॉगिन दें, तो उन्हें दिखता है कि कौन से पीस उनके पास हैं, उनके नाप क्या हैं और पहले क्या देना है। वो बोर्ड पर अपना काम खुद आगे बढ़ाते हैं। मालिक को अपना टाइम वापस मिल जाता है।
रोल से ज़रूरी चीज़ें प्राइवेट रहती हैं
- मालिक — सब कुछ, पैसा और स्टाफ भी।
- मैनेजर — वर्करूम और काउंटर चलाता है, पर स्टाफ या पगार नहीं बदल सकता।
- मास्टर या टेलर — अपना काम और उसके नाप; न दाम, न बिल।
टेलर सिर्फ वही पीस आगे बढ़ा सकता है जो उसे दिए गए हैं, और काम किसी और को नहीं सौंप सकता। इससे बोर्ड सही रहता है।
बिना रजिस्टर के हाज़िरी
स्टाफ अपने फ़ोन पर चेक-इन और चेक-आउट करता है, और चेक-इन में लोकेशन दर्ज होती है। हफ्ते की छुट्टी का दिन, पूरे दिन के घंटे और जिन त्योहारों पर दुकान बंद रहती है वो सेट कर दें, तो रजिस्टर अपने आप भरता है: हाज़िर, गैरहाज़िर, छुट्टी, आधा दिन, त्योहार की छुट्टी। मालिक या मैनेजर किसी दिन को हाथ से कारण लिखकर ठीक कर सकते हैं, ताकि बाद में कोई पूछे तो जवाब रहे।
छुट्टी और पगार
फ़ोन पर छुट्टी माँगें
टेलर माँगता है; मालिक मंज़ूर या मना करता है। जो तय हुआ, कोई नहीं भूलता।
रिकॉर्ड से पगार
हर इंसान को महीने से, कपड़े से, या दोनों से पगार दें। पूरे हुए कपड़ों से देने वाली रकम बनती है; गैरहाज़िरी सैलरी से कटती है।
हर इंसान की पे-स्लिप
साफ़, प्रिंट होने वाली, और वही नंबर जो मालिक को दिखते हैं। हर पेमेंट दुकान के खर्चे में भी जुड़ जाता है।
कौन सा पीस किसने सिला?
क्योंकि बोर्ड पर हर कदम कोई इंसान उठाता है, हर कपड़े की हिस्ट्री में दिखता है कि किसने काटा, किसने सिला और किसने फिनिश किया। जब कस्टमर खुश होकर लौटे — या नाराज़ होकर — तो पता रहता है किसको बताना है। सीज़न भर में यह भी दिखता है कि कौन से मास्टर सबसे ज़्यादा काम उठाते हैं। देखें टेलरिंग बिज़नेस की रिपोर्ट।
सवाल
अपनी दुकान में टेलर की हाज़िरी कैसे रखूँ?
स्टाफ आते ही अपने फ़ोन पर चेक-इन करता है, और उनकी लोकेशन दर्ज होती है। रजिस्टर दुकान के काम के दिन, हफ्ते की छुट्टी और त्योहार की छुट्टियों के हिसाब से चलता है।
क्या मेरे टेलर दाम देखे बिना ऐप चला सकते हैं?
हाँ। मास्टर या टेलर वाले रोल में उनका अपना काम और नाप दिखता है, पर दाम, बिल या दूसरा स्टाफ नहीं।
क्या मैं अपने स्टाफ की पे-स्लिप बना सकता हूँ?
हाँ। VirtueTailor हाज़िरी और पूरे हुए कपड़ों से पगार निकालता है — महीने की सैलरी, कपड़े के हिसाब से, या दोनों — और हर इंसान की पे-स्लिप बनाता है।
अपनी दुकान में आज़माएँ
शुरुआत मुफ़्त। हमारी टीम आपके ग्राहक और नाप ऐप में लाने में मदद करेगी।